कैफ़ी आजमी (Kaifi Azmi) की पूरी शायरी अलग-अलग लफ़्ज़ों में समाज के शोषित वर्ग के आंसुओं की दास्तान है. इन्हीं के लिए मुशायरों के स्टेज से अपनी नज़्में सुनाते थे.
पुण्यतिथ विशेषः कैफ़ी आज़मी की नज़्म सुन लड़की ने तोड़ी मंगनी, पढ़िए वो नज़्म
Reviewed by Sailesh kumar
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5:39 PM
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