एक बेहद संवेदनशील फिल्म जहां सेना के जवानों और आम कश्मीरी लोगों के संबंधो को बारीकी से बयान किया गया है।
‘हामिद’ से पता चलता है कि कश्मीर में बच्चे पत्थरबाज़ भी बनते हैं और कारीगर भी
Reviewed by Sailesh kumar
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12:03 AM
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