रोटी बैंक के स्वयंसेवकों द्वारा पटना शहर के विभिन्न फुटपाथों पर रहने वाले ऐसे लगभग 60-70 बेसहारा लोगों को चिन्हित किया गया है, जो या तो मानसिक विक्षिप्त हैं या खुद से रोटी की साधन जुटा पाने में सक्षम नहीं हैं
पैसे की जगह इस बैंक में जमा होती है रोटियां, ताकि रोजाना भरा जा सके असहायों का पेट
Reviewed by Sailesh kumar
on
12:07 AM
Rating:


No comments: